बड़े दिनों के बाद lockdown खुला
मेरे दिल के साथ बालों को भी थोड़ा हौसला मिलासोचा, बढ़ती हुई खेती को छंटवायें, सर का भार कुछ कम करवाएं
तो चल पड़े, नुक्कड़ वाले चंदू नाई के पास
लेके एक नए hairstyle की आस
चंदू भी हमारी तरह बैठे थे एकदम वेले
पुराने newspaper और उस्तरे के साथ अकेले
हमे देखकर उनकी ३२ watt की बत्तीसी खिली
हमारे दिमाग में भी discount की खड़िकी खुलीबिठाया उन्होंने हमे झटपट कुर्सी पे......
कौन सा style करवाएं, ख्व्वाब हमारे सजने लगे फुर्ती से
अपने सूखे हुए बालो को उन्हें दिखाकर हमने बोला
चंदू dear, आई need समथिंग new हियर :)
चंदू ने हमे तिरछी निगाहों से देखा,
एक पल सोचा...फिर हमारी तरफ कुछ फेंका
हमने देखा, यह तो centre-shock था
कुछ बोलने के लिए हमने मुँह खोला
तो चंदू ने हमे चुप करा के बोला
एंड dont worry about the bill......
this is on the house. Now let me do my kill!
सुनकर अजीब लगा, पर मरता क्या न करता !
चंदू के हाथ में था उस्तरा
हमने centre-shock को मुँह में दबाया
चंदू ने उस्तरा हटाया और newspaper उठाया
कुछ अज़ीब महसूस तो हुआ, मगर कुछ समझ नहीं आया
1Min, 2Min, 3Min के बाद आवाज़ आई - हो गया ! चंदू ने फ़रमाया
हमने देखा - यह क्या ? देख कर सचमुच shock लग आया
चंदू के बिना हाथ लगाए, बिना उस्तरा चलाये
हमारे बाल एक शेर की माफिक खड़े हो गए थे
खुश होएं या शोक मनाये, उधेड़बुन में हम गोते खा रहे थे
and then after a short (short for him but painful for me) while
कंगाल को कर देता है मालामाल
और बिना हाथ लगाए आपकी ज़ुल्फ़ों को बेमिसाल
हमे लगा lockdown का गहरा असर हुआ है बेचारे चंदू पर
और कोई tricksआजमाए हमारे ऊपर
उससे पहले ही हो जाते है रफूचक्कर
मगर centre-shock की कसम - हम वापस आयेंगे !
और, इस चंदू के चाचे को
को किसी चांदनी रात में चटनी ज़रूर चटाएंगे....